उज्जैन सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) की तैयारियां जोरों पर हैं। उज्जैन में अमृत स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए रेलवे और जिला प्रशासन ने मिलकर बड़ी योजना बनाई है। इस बार उज्जैन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा। श्रद्धालुओं को आसपास के फ्लैग स्टेशनों पर उतारकर बसों से शिप्रा नदी तक पहुंचाया जाएगा।
संयुक्त निरीक्षण से शुरू हुई तैयारी
सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) की तैयारियों को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन ने गुरुवार को संयुक्त निरीक्षण किया। संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इस दौरे में शामिल हुए।
अधिकारियों ने सेल्फ प्रोपेल्ड इंस्पेक्शन कार से कई स्टेशनों का दौरा किया। इनमें पिंगलेश्वर, पंवासा, नईखेड़ी, मोहनपुरा, विक्रमनगर और चिंतामन गणेश स्टेशन शामिल थे। इस निरीक्षण का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं की समीक्षा करना था।
अमृत स्नान पर उज्जैन स्टेशन नो हॉल्ट
Simhastha 2028: अमृत स्नान के विशेष दिनों में उज्जैन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव पूरी तरह बंद रहेगा। यह निर्णय बड़ी भीड़ की वजह से लिया गया है। रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्हें उज्जैन के आसपास स्थित फ्लैग स्टेशनों पर उतारा जाएगा। इसके बाद बसों के माध्यम से उन्हें सीधे शिप्रा नदी तक पहुंचाया जाएगा। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
फ्लैग स्टेशन बनेंगे मुख्य केंद्र
सिंहस्थ 2028 के दौरान फ्लैग स्टेशन मुख्य केंद्रों के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। पिंगलेश्वर और पंवासा स्टेशन पर स्थायी प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। ये भोपाल-बीना और ग्वालियर रूट की ट्रेनों के लिए उपयोगी होंगे।
नई खेड़ी स्टेशन दिल्ली-मुंबई रूट (Delhi-Mumbai Route) पर स्थित है। यहां चार प्लेटफार्म विकसित किए जा रहे हैं, जिससे यह स्टेशन सिंहस्थ के दौरान बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। मोहनपुरा और चिंतामन गणेश स्टेशन भी मेले के दौरान प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
निर्माण कार्य तेजी से जारी
सभी फ्लैग स्टेशनों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। प्लेटफार्म विस्तार, कवर शेड, फुटओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया और प्रतीक्षालय बनाए जा रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्यों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। समय सीमा में कार्य पूरे करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ प्रबंधन, ट्रेन संचालन, प्रवेश-निकास व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। इन कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है।
50 हजार क्षमता का होल्डिंग एरिया
उज्जैन रेलवे स्टेशन के पास इंदौरगेट और नीलगंगा क्षेत्र में बड़ा होल्डिंग एरिया तैयार किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे क्वार्टर हटाए जा रहे हैं। यह एरिया एक साथ 50 हजार यात्रियों की क्षमता का होगा।
यहां से यात्रियों को नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से प्लेटफार्म पर भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा और किसी अनहोनी की संभावना कम होगी। यह सिंहस्थ 2028 की सबसे बड़ी तैयारियों में से एक है।
नए प्लेटफार्म और रूट का विस्तार
उज्जैन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 और 8 को नागदा एंड से जोड़ा गया है। इन प्लेटफार्मों से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। यह कदम सिंहस्थ के दौरान ट्रेन संचालन को और अधिक सुचारु बनाने के लिए उठाया गया है। रेलवे की इस पहल से यात्रियों का आवागमन सुगम होगा। आने वाले महीनों में और भी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए रेलवे पूरी तरह तैयार है।
उज्जैन प्रशासन और रेलवे का यह मास्टर प्लान सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित और हरा-भरा बनाने की एक बड़ी पहल है। 15 लाख पौधों की ‘नेचुरल कूलिंग’ और स्टेशनों पर ‘नो हॉल्ट’ जैसी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी और भीड़ के खतरों से बचाएंगी। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन का यह तालमेल आने वाले महापर्व को यादगार और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए तैयार है।
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