सिंहस्थ 2028: उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां बहुत तेज हो गई हैं। इस बार के आयोजन में एक नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार लगभग 25 से 30 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंचेंगे। इतनी भारी भीड़ को केवल एक शहर में संभालना बेहद मुश्किल काम होगा।
इसी वजह से अब उज्जैन के साथ ही पड़ोसी शहर इंदौर को भी तैयार किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि उज्जैन में अचानक ट्रैफिक या भीड़ न बढ़े। अगर मुख्य शाही स्नान की तारीखों पर उज्जैन में दबाव बढ़ता है तो रणनीति बदली जाएगी। बाहर से आने वाले भक्तों को पहले इंदौर में ही सुरक्षित रोका जाएगा।
एसीएस डॉ. राजेश राजौरा ने की समीक्षा बैठक
सिंहस्थ 2028: सिंहस्थ की उच्च स्तरीय तैयारियों को लेकर शनिवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. राजेश राजौरा ने यह बैठक ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर और उज्जैन के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधी बात की। इस दौरान इंदौर शहर को सिंहस्थ के लिए सबसे अहम भूमिका सौंपी गई।
एसीएस ने अधिकारियों को समझाया कि अधिकतम श्रद्धालु इंदौर के रास्ते ही उज्जैन की तरफ बढ़ेंगे। ऐसे में मुख्य स्नान पर्वों पर उज्जैन में भारी भीड़ होना तय है। भीड़ को शहर में प्रवेश करने से पहले ही नियंत्रित करना सबसे सुरक्षित तरीका होगा। इसके लिए इंदौर के एंट्री पॉइंट्स पर बड़े-बड़े होल्डिंग एरिया तैयार करने होंगे।
बनाए जाएंगे विशाल होल्डिंग एरिया
सिंहस्थ 2028: इस महत्वपूर्ण बैठक में इंदौर के नए कलेक्टर शिवम वर्मा भी शामिल हुए थे। उन्होंने एसीएस के निर्देशों के बाद तुरंत अपनी कार्ययोजना की जानकारी साझा की। कलेक्टर ने बताया कि इंदौर के मुख्य राजमार्गों पर जमीन की पहचान कर ली गई है। इन खास जगहों पर जल्द ही होल्डिंग एरिया बनाने का काम शुरू होगा।
प्रशासन मुख्य रूप से देवास रोड, इंदौर-अजनोद रोड और नेशनल हाईवे 52 पर फोकस कर रहा है। इसके साथ ही इंदौर-मांगलिया रूट पर भी सेंटर बनाए जाएंगे। ये सभी होल्डिंग एरिया करीब 10 हेक्टेयर की बड़ी जमीन पर विकसित किए जाएंगे। यहाँ एक साथ हजारों गाड़ियों और लाखों श्रद्धालुओं को रोकने की पूरी क्षमता होगी।
श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी
सिंहस्थ 2028: प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि यहां रुकने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। इन होल्डिंग एरिया में सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं पहले ही विकसित की जाएंगी। भक्तों के विश्राम के लिए विशाल पंडाल और छायादार शेड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही पीने के साफ पानी के लिए बड़े टैंकर और बोरवेल खोदे जाएंगे।
साफ-सफाई का ध्यान रखने के लिए पर्याप्त संख्या में अस्थाई शौचालयों का निर्माण भी होगा। सुरक्षा के लिहाज से इन क्षेत्रों में पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी। उज्जैन से हरी झंडी मिलने के बाद ही इन होल्डिंग एरिया से वाहनों को आगे छोड़ेंगे। इससे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम लगने की नौबत बिल्कुल नहीं आएगी।
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